रामेश्वरम में माहेश्वरी समाज का महासंगम, भगवान महेश के महाप्रसाद में उमड़ा जनसैलाब


महेश नवमी महोत्सव के तहत आयोजित महासंगम में हजारों समाजजन शामिल हुए, महाप्रसाद व्यवस्था और सेवा भाव ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

रामेश्वरम में माहेश्वरी समाज का महासंगम, भगवान महेश के महाप्रसाद में उमड़ा जनसैलाब

भीलवाड़ा, 25 जून। महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत श्री नगर माहेश्वरी सभा द्वारा आयोजित माहेश्वरी समाज के विशाल महासंगम में शहर सहित जिलेभर से पहुंचे हजारों समाजजनों ने उत्साह, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ सहभागिता निभाई। भगवान महेश की कृपा और आशीर्वाद के प्रतीक स्वरूप आयोजित इस महाप्रसाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन के दौरान समाज की एकता, सेवा भावना और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।

पंकज पोरवाल

महाप्रसाद व्यवस्था बनी आयोजन का प्रमुख आकर्षण

महाप्रसाद के निर्माण से लेकर उसके परिवहन, वितरण और भोजन काउंटरों के संचालन तक सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रूप से संचालित की गईं। कैटरिंग समिति और समाज के कार्यकर्ताओं ने पूरे आयोजन में निष्ठा, समर्पण और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

कार्यक्रम में उपस्थित समाज के वरिष्ठजनों और पदाधिकारियों ने समाज की एकजुटता, सेवा परंपरा और संस्कारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। महासंगम के दौरान सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

हजारों समाजजनों ने ग्रहण किया महाप्रसाद

नगर सचिव सुरेश बिरला ने बताया कि महासंगम में हजारों समाजजन शामिल हुए और भगवान महेश के महाप्रसाद का लाभ प्राप्त किया। आयोजन के सफल संचालन में कृष्णगोपाल जाखेटिया, रमेश बाहेती, कैलाश ईनानी, अरविन्द नामधरानी, दिलीप लाहोटी, सुभाष बाहेती, मनीश बहेड़िया, दिलीप अखेराम तोषनीवाल, मनोहर अजमेरा और बालकृष्ण काबरा सहित भोजन निर्माण, भोजन परिवहन, भोजन काउंटर एवं कैटरिंग समिति के अनेक सदस्यों और पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इन सभी ने आपसी समन्वय स्थापित करते हुए व्यवस्थाओं को सफल बनाया, जिससे महाप्रसाद कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सका।

‘झूठा नहीं छोड़ने’ का दिया प्रेरक संदेश

कोषाध्यक्ष गोपाल नरानीवाल और संगठन मंत्री प्रमोद डाड ने बताया कि भगवान शंकर के महाप्रसाद के महासंगम के अवसर पर समाजजनों को अन्न के सम्मान का संदेश दिया गया।

इस दौरान “इतना ही ले थाली में, व्यर्थ न जाए नाली में” का प्रेरक संदेश देकर लोगों को भोजन की बर्बादी रोकने के लिए जागरूक किया गया। समाजजनों ने इस संदेश का स्वागत करते हुए इसे अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

महासंगम ने सामाजिक मूल्यों को दी नई ऊर्जा

आयोजन के दौरान समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों को नई ऊर्जा मिली। कार्यक्रम ने समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर पारस्परिक सहयोग और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

भोजन व्यवस्था की हुई सराहना

सह संयोजक केजी राठी और अर्चित मून्द्रड़ा ने बताया कि महाप्रसाद कार्यक्रम में भोजन व्यवस्था की उत्कृष्ट तैयारियों और सफल संचालन ने सभी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।

भोजन निर्माण टीम ने स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए स्वादिष्ट एवं सात्विक व्यंजनों की व्यवस्था की। वहीं भोजन परिवहन टीम ने निर्धारित समय पर विभिन्न स्थलों तक महाप्रसाद पहुंचाकर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा।

इसके अलावा भोजन काउंटरों पर कार्यरत समाजबंधुओं ने अनुशासित और व्यवस्थित तरीके से श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की भव्यता को और बढ़ाया।

आयोजन की सफलता पर जताया आभार

महोत्सव के समापन अवसर पर संयोजक अतुल राठी ने आयोजन की सफलता में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, समाजबंधुओं और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि महेश नवमी महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, संस्कार और सेवा भावना का प्रतीक है। समाज के सभी वर्गों ने तन, मन और धन से सहयोग देकर इस आयोजन को भव्य, सफल और यादगार बनाया।

उन्होंने बताया कि पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका, कार्यकर्ताओं की मेहनत और समाजजनों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने महोत्सव को विशेष स्वरूप प्रदान किया तथा इसे समाज के लिए प्रेरणादायी आयोजन बना दिया।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *