कामां उपखंड के बामनी ग्रामीण सेवा शिविर में टेकचंद और दुलीचंद को मौके पर आवासीय पट्टे मिले, बैंक ऋण का रास्ता हुआ आसान
डीग, 24 जून।अमर दीप सेन। राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी पहल ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को कामां उपखंड की ग्राम पंचायत बामनी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर कई परिवारों के लिए खुशियां लेकर आया। शिविर में राजस्व अधिकारियों और उपखंड प्रशासन की टीम ने आवासीय पट्टों के लंबित प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर लाभार्थियों को राहत प्रदान की।
ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। शिविर के दौरान आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने त्वरित कार्रवाई कर कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। इससे ग्रामीणों में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।
टेकचंद को मिला आवासीय पट्टा, बैंक ऋण का रास्ता हुआ आसान
ग्राम बामनी निवासी टेकचंद पुत्र भूपनराम लंबे समय से अपने परिवार के लिए स्वयं का पक्का मकान बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्हें बैंक से ऋण की आवश्यकता थी, लेकिन उनके पास आवासीय भूमि का कोई वैध स्वामित्व दस्तावेज नहीं होने के कारण बैंक ऋण स्वीकृत कराने में कठिनाई आ रही थी।
ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी मिलने पर टेकचंद ने शिविर में अपना आवेदन प्रस्तुत किया। उनके आवेदन पर राजस्व अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मौके पर ही आवासीय भूमि का पट्टा तैयार कर उन्हें सौंप दिया।
आवासीय पट्टा मिलने के बाद अब टेकचंद के लिए बैंक से ऋण प्राप्त करना आसान हो गया है, जिससे उनके स्वयं के घर का सपना साकार होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है।
दुलीचंद को भी मिला मालिकाना हक
शिविर में एक और प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया। ग्राम बामनी निवासी दुलीचंद भी लंबे समय से अपने आशियाने को विधिक पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत थे। उनके पास भी भूमि से संबंधित आवश्यक कानूनी दस्तावेज नहीं होने के कारण बैंक ऋण प्राप्त करने में दिक्कतें आ रही थीं।
ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान दुलीचंद के प्रकरण की भी संबंधित अधिकारियों ने प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें भी मौके पर आवासीय पट्टा वितरित कर मालिकाना हक प्रदान किया गया।
पट्टा मिलने से खिले परिवारों के चेहरे
शिविर स्थल पर ही बिना किसी प्रशासनिक विलंब के हाथों-हाथ आवासीय पट्टा प्राप्त होने से दोनों लाभार्थी परिवारों के चेहरे खुशी से खिल उठे। वर्षों से लंबित समस्या का समाधान होने के बाद अब उनके लिए पक्का घर बनाने का रास्ता खुल गया है।
विधिक स्वामित्व दस्तावेज मिलने से दोनों परिवार अब बैंक से आवास ऋण प्राप्त कर सकेंगे और अपने सपनों का घर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
ग्रामीणों ने जताया प्रशासन के प्रति आभार
ग्रामीण सेवा शिविर में मिली त्वरित राहत से लाभार्थियों सहित उपस्थित अन्य ग्रामीणों ने भी संतोष व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि शिविरों के माध्यम से सरकारी सेवाएं गांव स्तर तक पहुंच रही हैं और लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।
लाभार्थियों और ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों, राजस्व विभाग की टीम और शिविर व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न रेखीय विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के दौरान विभिन्न योजनाओं और जनसमस्याओं से जुड़े मामलों का निस्तारण भी किया गया।
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डीग, राजस्थान
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