डीग में जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में आयोजित डीएलआरसी बैठक में बैंकिंग, ऋण वितरण और विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई
डीग, 24 जून।अमर दीप सेन। जिले में बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय समावेशन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को पंचायत समिति सभागार, डीग में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने की। इस दौरान बैंकिंग क्षेत्र की प्रगति, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने विभिन्न बैंकिंग एवं विकास योजनाओं की प्रगति का बिंदुवार अवलोकन करते हुए अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंच सके।
लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश
जिला कलेक्टर ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के लिए बैंक और संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने बैंक अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर जिले में ऋण प्रवाह बढ़ाने और वित्तीय समावेशन को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया।
कई महत्वपूर्ण योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), पशुपालक किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, स्वयं सहायता समूहों के वित्तपोषण, डिजिटल बैंकिंग तथा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल रहे।
अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभार्थियों की स्थिति और बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को लेकर अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुझावों पर भी चर्चा की गई।
डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता पर दिया गया जोर
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सहायक महाप्रबंधक मंदीप सिंह वालिया ने बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा तथा वित्तीय जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ लोगों को सुरक्षित लेन-देन के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है।
वहीं नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) शिवम अग्रवाल ने ग्रामीण विकास और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में वित्तीय संस्थाओं की भागीदारी को आवश्यक बताया।
समन्वित प्रयासों पर दिया गया बल
बैठक के अंत में अग्रणी जिला प्रबंधक हिमांशु मंगलमूर्ति ने उपस्थित अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने जिले में बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय समावेशन और विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों और बैंकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बैंक प्रतिनिधि रहे उपस्थित
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक मंदीप सिंह वालिया, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक शिवम अग्रवाल, महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र दिलखुश मीणा, अग्रणी जिला प्रबंधक डीग हिमांशु मंगलमूर्ति, जिले के सभी बैंकों के जिला समन्वयक अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं सरपंचगण उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, ऋण वितरण में वृद्धि और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
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डीग, राजस्थान
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