राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पुस्तक को उत्तराखण्ड की विरासत का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया और AI Heritage & Tourism App का भी लोकार्पण किया
डॉ. गिरीश रंजन तिवारी की पुस्तक का विमोचन, AI Heritage & Tourism App का भी हुआ लोकार्पण
नैनीताल।ललित जोशी। डॉ. गिरीश रंजन तिवारी की पुस्तक का विमोचन सरोवर नगरी स्थित लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने किया। इस अवसर पर ‘अतीत से वर्तमान तक नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ पुस्तक का विमोचन किया गया। इसके साथ ही AI Theme Room के मार्गदर्शन में विकसित AI Heritage & Tourism App का भी लोकार्पण किया गया।
पुस्तक उत्तराखण्ड की विरासत और सांस्कृतिक यात्रा का महत्वपूर्ण दस्तावेज : राज्यपाल
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पुस्तक के लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं शिक्षाविद् डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक केवल राजभवन के निर्माण का इतिहास नहीं है, बल्कि नैनीताल की सांस्कृतिक यात्रा, उत्तराखण्ड की विरासत तथा तत्कालीन सामाजिक परिवेश का भी महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
उन्होंने कहा कि विरासत और नवाचार का समन्वय ही विकसित भारत की आधारशिला है। हमारी ऐतिहासिक धरोहरें हमें अपनी जड़ों से जोड़ती हैं, जबकि आधुनिक तकनीक भविष्य की दिशा दिखाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को साकार करने के लिए सांस्कृतिक संरक्षण और तकनीकी नवाचार दोनों को समान महत्व देना आवश्यक है।
लोक भवन उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक स्मृतियों का जीवंत केंद्र
राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन केवल एक स्थापत्य संरचना नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्मृतियों का जीवंत केंद्र है। यह भवन औपनिवेशिक काल से लेकर स्वतंत्र भारत और उत्तराखण्ड राज्य के गठन तक अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है।
उन्होंने कहा कि लगभग 125 वर्ष पूर्व अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्मित इस भवन की निर्माण गाथा मानव संकल्प, परिश्रम और दूरदर्शिता का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक धरोहर की कहानी केवल अभिलेखों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इस पुस्तक की परिकल्पना की गई।
AI Heritage & Tourism App से डिजिटल माध्यम पर पहुंचेगी विरासत
AI Heritage & Tourism App के संबंध में राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वर्तमान दौर में तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, इतिहास और समाज के संरक्षण का सशक्त साधन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एप लोक भवन, नैनीताल और उत्तराखण्ड की समृद्ध विरासत को डिजिटल माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का अभिनव प्रयास है।
ऐप में मिलेगी AI Guide, Smart Planner और Time Capsule जैसी सुविधाएं
राज्यपाल ने बताया कि ऐप में AI Heritage Guide, Smart Itinerary Planner और Interactive Time Capsule जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनके माध्यम से पर्यटक और शोधार्थी ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा अपनी रुचि के अनुरूप यात्रा अनुभव का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने विशेष रूप से “Hidden Gems” फीचर का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से स्थानीय नागरिक अपने क्षेत्र के कम ज्ञात लेकिन महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों की जानकारी साझा कर सकेंगे। इससे स्थानीय समुदायों तथा छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।
उत्तरदायी पर्यटन को बढ़ावा देने पर दिया जोर
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि संस्कृति, लोक परंपराओं, आस्था और प्राकृतिक विरासत से जुड़ा विषय है। इसलिए राज्य को ऐसे पर्यटन मॉडल को बढ़ावा देना होगा जो संवेदनशील, उत्तरदायी तथा स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने वाला हो।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का संकल्प केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक रूप से जागरूक, तकनीकी रूप से सक्षम, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और अपनी जड़ों से जुड़े भारत के निर्माण का संकल्प है। उनके अनुसार आज विमोचित पुस्तक हमें अपने अतीत से जोड़ती है, जबकि AI Heritage & Tourism App भविष्य की दिशा दिखाता है। दोनों मिलकर ऐसे भारत की तस्वीर प्रस्तुत करते हैं जो अपनी विरासत पर गर्व करता है और नवाचार के साथ आगे बढ़ता है।
सिद्धार्थ माधव सहित पूरी टीम को दी बधाई
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने इस पहल से जुड़े सिद्धार्थ माधव, तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और सहयोगियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक और डिजिटल मंच विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक जागरूकता तथा उत्तरदायी पर्यटन के क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण सिद्ध होंगे।
इस अवसर पर वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, पुस्तक के लेखक डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, एप के निर्माता सिद्धार्थ माधव, प्रकाशक संतोष सिंह सहित कुमाऊं विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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नैनीताल, उत्तराखंड
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