भारत-भूटान शांति अवार्ड: राम अवतार मीणा सहित 51 प्रतिभाएं सम्मानित


विश्व योग दिवस पर आयोजित समारोह में राम अवतार मीणा सहित 51 प्रतिभाओं को भारत-भूटान शांति अवार्ड से सम्मानित किया गया

भारत-भूटान शांति अवार्ड प्राप्त कर स्वदेश लौटे राम अवतार मीणा

बौंली, बामनवास। श्रद्धा ओम त्रिवेदी। भारत-भूटान शांति अवार्ड प्राप्त कर क्षेत्र के युवा भाजपा नेता, राजस्थान सरकार के पर्यावरण ब्रांड एंबेसडर एवं सामाजिक कार्यकर्ता राम अवतार मीणा भूटान की सोशल मिशन यात्रा पूरी कर स्वदेश लौट आए हैं। 25 जून को भूटान से रवाना होने के बाद वे 26 जून को अपने गांव खिरखड़ी पहुंचे।

21 जून को विश्व योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें भारत-भूटान शांति अवार्ड से सम्मानित किया गया। यात्रा के दौरान उन्होंने भूटान के प्रमुख बौद्ध मंदिरों, मठों तथा विभिन्न पर्यटन स्थलों के दर्शन भी किए।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण मुलाकातों का रहा अवसर

प्रतिनिधिमंडल के अभिनंदन के दौरान भूटान की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल को भूटान की संस्कृति और परंपराओं को निकट से जानने का अवसर मिला। साथ ही भूटान की कई महत्वपूर्ण हस्तियों से भी मुलाकात हुई।

इन मुलाकातों में सबसे प्रमुख नाम भूटान की विदेश मंत्री डी. एन. डूगीयाज का रहा। अंतर्राष्ट्रीय समस्ता मंच के संयोजक कुलदीप शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर भारत-भूटान मैत्री संबंधों पर चर्चा की।

बैठक में भारत द्वारा भूटान के विकास में दिए जा रहे सहयोग, पंचशील सिद्धांतों तथा राजनीतिक और राजनयिक मामलों में सहयोग जैसे विषयों पर लगभग आधे घंटे तक चाय पर चर्चा हुई। इसके बाद संसद भवन के समक्ष सामूहिक फोटोग्राफी भी की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान की सराहना

विदेश मंत्री डी. एन. डूगीयाज ने भूटान के विकास में भारत के योगदान तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें योग्य और प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता बताया।

उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि भारत भूटान को छोटे भाई की तरह मानता है और भूटान भारत का बड़े भाई की तरह सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि भारत का विश्वास ही भूटान की सबसे बड़ी ताकत है और दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों को आने वाले समय में भी मजबूत बनाए रखने की इच्छा है। साथ ही उन्होंने प्रत्येक वर्ष योग दिवस के अवसर पर भूटान आने का निमंत्रण भी दिया।

भूटान की व्यवस्थाओं ने किया प्रभावित

भूटान के विदेश मंत्री डी. एन. डूगीयाज, आर्थिक मामलों के पूर्व मंत्री लोकनाथ शर्मा तथा संसद के अन्य चार सदस्यों द्वारा मिले सम्मान से पूरा प्रतिनिधिमंडल अभिभूत नजर आया।

राम अवतार मीणा ने बताया कि भूटान का प्राकृतिक सौंदर्य, स्वच्छता व्यवस्था, ट्रैफिक अनुशासन, देश एवं राजा के प्रति समर्पण भाव, लोगों की सकारात्मक सोच, निशुल्क शिक्षा एवं चिकित्सा व्यवस्था, भाईचारे की भावना तथा भारत के प्रति सम्मान का भाव काफी प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा कि बिना ट्रैफिक सिग्नल के भी वहां की यातायात व्यवस्था अनुशासित और व्यवस्थित है। प्रतिनिधिमंडल ने भारत की पांच मुट्ठी मिट्टी भूटान की माटी में मिलाकर दोनों देशों के मैत्री संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश भी दिया।

सात दिवसीय यात्रा में कई शहरों का किया भ्रमण

सात दिवसीय यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जयगांव, फुलसलिंग, थिम्फू और पारो सहित कई प्रमुख शहरों का भ्रमण किया। इसके अलावा महात्मा गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े अनेक धार्मिक स्थलों के दर्शन भी किए।

राम अवतार मीणा ने बताया कि भूटान की लगभग 70 प्रतिशत आबादी पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करती है। यहां की सुनियोजित नगर व्यवस्था अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि यहां का भोजन स्वादिष्ट है और लोगों का सहयोगात्मक रवैया दिल जीत लेने वाला है। महिलाओं की भागीदारी भी प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय रूप से दिखाई देती है।

उन्होंने बताया कि भूटान चारों ओर से नदियों, झरनों, वनों और पहाड़ों से घिरा हुआ है। यह देश भारत और चीन की सीमाओं को स्पर्श करता है, लेकिन भारत पर विशेष विश्वास रखता है। भारतीय सेना भूटान की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा भारत भूटान का बड़ा बाजार भी है।

राम अवतार मीणा ने कहा कि उनकी यह पहली विदेश यात्रा थी और इस यात्रा से उन्हें बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला।

85 सदस्यीय दल की 51 प्रतिभाओं को मिला सम्मान

यात्रा के सफल संचालन में प्रमोद शर्मा (व्यवस्थापक) ने व्यवस्थाओं का दायित्व प्रभावी ढंग से निभाया। प्रतिनिधिमंडल में धोलूराम मीणा, श्रवण सिंह बुड़रक, ऋषिराज थानवी, श्रीमती रेखा सिंह, एडवोकेट गौरव गणैशिया, पत्रकार रामदयाल भाटी, खुबचंद सैनी तथा डॉ. कुलदीप शर्मा सहित कुल 85 सदस्य शामिल रहे।

इस 85 सदस्यीय दल में 51 प्रतिभाओं को भारत-भूटान शांति अवार्ड से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त कर सभी प्रतिभाओं ने खुशी व्यक्त की और इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बताया।

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