खारी-मानसी नदी में अवैध खनन पर एनजीटी का कड़ा रुख


फूलियाकलां में प्रशासनिक जांच से मचा हड़कंप

शाहपुरा (मूलचन्द पेसवानी)। राजस्थान के शाहपुरा जिले के फूलियाकलां क्षेत्र में जीवनदायिनी मानी जाने वाली खारी और मानसी नदियों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। इन नदियों में बड़े पैमाने पर हो रहे कथित अवैध बजरी खनन के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के कड़े आदेश के बाद सोमवार को एक उच्च स्तरीय संयुक्त जांच टीम ने फूलियाकलां पहुंचकर प्रभावित नदी क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया।

प्रशासनिक अमले की छापेमारी से खलबली

एनजीटी के निर्देशों के पालन में सोमवार सुबह जब प्रशासनिक गाड़ियों का काफिला खारी और मानसी नदी के किनारों पर उतरा, तो खनन माफियाओं और लीज धारकों में हड़कंप मच गया। जांच टीम में जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में शाहपुरा एडीएम प्रकाशचंद्र रेगर, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, पुलिस जाब्ता और राजस्व विभाग के आला अधिकारी शामिल थे। टीम ने नदी के विभिन्न घाटों पर जाकर जमीन की पैमाइश की और खनन के गहरे गड्ढों का जायजा लिया।

हबीब मोहम्मद नीलगर की याचिका पर हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई हबीब मोहम्मद नीलगर द्वारा एनजीटी में दायर एक याचिका के बाद शुरू हुई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि बजरी लीज धारक पर्यावरणीय नियमों को ताक पर रखकर मशीनों से अवैध दोहन कर रहे हैं। शिकायत के अनुसार, अनियंत्रित खनन से नदियों का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बिगड़ चुका है, जिससे जलधारा का मार्ग अवरुद्ध हो रहा है और स्थानीय पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है।

ग्रामीणों ने सुनाई अपनी पीड़ा

जांच के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने जांच टीम के समक्ष अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ये नदियां क्षेत्र की जीवनरेखा हैं। यदि इसी तरह बजरी का अवैध दोहन जारी रहा, तो भविष्य में भूजल स्तर गिर जाएगा और पशुओं व खेती के लिए पानी का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की कि केवल कागजी जांच न हो, बल्कि दोषियों पर सख्त जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाए।

अब रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें

जांच टीम ने मौके से खनन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य और फोटोग्राफ्स एकत्रित किए हैं। एडीएम प्रकाशचंद्र रेगर ने बताया कि मौके की वस्तुस्थिति और नियमों के उल्लंघन की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी को सौंपी जाएगी। यदि लीज की शर्तों का उल्लंघन पाया गया, तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन पर भी लगाम लगने की उम्मीद जगी है।

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