प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर में की ‘महा पूजा’, 75 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को किया नमन


सोमनाथ (गुजरात), 11 मई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। यह अवसर बेहद खास था क्योंकि आज का दिन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और 1951 में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा इसके उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।

प्रमुख कार्यक्रम और पूजा के विवरण:

  • विशेष महा पूजा और जलाभिषेक: प्रधानमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान सोमनाथ का ‘जलाभिषेक’ किया और ‘विशेष महा पूजा’ संपन्न की। उन्होंने राष्ट्र की समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थना की।

  • कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण: पूजा के बाद, पीएम मोदी ने कुंभाभिषेक समारोह में हिस्सा लिया। इसमें देश के विभिन्न तीर्थस्थलों से लाए गए पवित्र जल को मंदिर के शिखर पर छिड़का गया। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर पर ध्वज फहराकर ध्वजारोहण की रस्म भी पूरी की।

  • विशाल रोड शो: मंदिर पहुंचने से पहले, प्रधानमंत्री ने प्रभास पाटन में लगभग 1.5 किलोमीटर लंबा एक भव्य रोड शो किया, जहां हजारों की संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया।

    सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण
    सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण

सोमनाथ अमृत महोत्सव की घोषणाएं:

प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:

  1. 75 रुपये का स्मारक सिक्का: इस अवसर की याद में पीएम मोदी ने 75 रुपये का एक विशेष स्मारक सिक्का जारी किया। इस सिक्के पर सोमनाथ मंदिर की छवि और भारत की अटूट आस्था के 1000 वर्षों का संदेश अंकित है।

  2. 1000 दिनों की विशेष पूजा: प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि सोमनाथ के अदम्य साहस को श्रद्धांजलि देने के लिए मंदिर में अगले 1000 दिनों तक विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा।

  3. वायु सेना का एयर शो: पूजा के दौरान भारतीय वायु सेना की ‘सूर्य किरण’ एरोबेटिक टीम ने मंदिर के ऊपर तिरंगा बनाते हुए एक शानदार एयर शो पेश किया।

‘विध्वंस से सृजन’ का संदेश:

अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने एक लेख (Op-Ed) के माध्यम से भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सोमनाथ की यात्रा ‘विध्वंस से सृजन’ की कहानी है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की आध्यात्मिक चेतना और कभी न हारने वाले जज्बे का प्रतीक है।

जाने

यहाँ देखें:  LIVE: सोमनाथ अमृत महोत्सव। विरासत के 75 साल। “1000 साल का अटूट विरासत”।


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