सवाई माधोपुर: प्रशासन को ठेंगा दिखा आधी रात को काट दिए पेड़


कोर्ट में सुनवाई से पहले जामा मस्जिद के सामने बड़ी कार्रवाई

सवाई माधोपुर।पंकज शर्मा। शहर के बजरिया और जामा मस्जिद क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पर्यावरण की बलि दी जा रही है। ताज़ा मामले में, जिला प्रशासन को ज्ञापन देने और मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद, 6 मई की आधी रात को जामा मस्जिद के सामने तीन विशाल पेड़ों के तने काट दिए गए। ‘पेड़ बचाओ आंदोलन’ के कार्यकर्ताओं ने इसे न्यायिक भावना की अवहेलना और प्रशासन की मिलीभगत करार दिया है।

प्रशासन के आश्वासन निकले खोखले

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि 6 मई को ही जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कटाई रोकने की मांग की गई थी। अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया, लेकिन रात होते ही जेसीबी और क्रेन की मदद से पेड़ों को धराशायी कर दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सूरवाल क्षेत्र का एक सक्रिय गिरोह इस अवैध कटाई और लकड़ी के परिवहन में शामिल है, जिसे कथित तौर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों का मौन समर्थन प्राप्त है।

8 मई को लोक अदालत में अहम सुनवाई

यह पूरा मामला स्थायी लोक अदालत, सवाई माधोपुर (प्रकरण संख्या 203/2026) में लंबित है। न्यायालय ने पिछली सुनवाई में PWD की इस दलील पर कड़ी नाराजगी जताई थी कि “35-40 पेड़ विभाग ने काटे और बाकी जनता ले गई।” कोर्ट ने पूछा था कि बिना अनुमति इतने पेड़ कटने पर भी विभाग चुप क्यों रहा? अब 8 मई को होने वाली सुनवाई पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से हस्तक्षेप की मांग

भीषण गर्मी के बीच वर्षों पुराने बरगद और पीपल के पेड़ों की कटाई ने जन आक्रोश पैदा कर दिया है। कार्यकर्ताओं ने राजस्थान के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को ज्ञापन भेजकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और अंतिम फैसला आने तक कटाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

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