जो आचरण के सम्राट बनते है वह जीवन में सुखी रहते है : आर्यिका विज्ञानमति माताजी
बडोदिया, बांसवाड़ा।अरुण जोशी। मनुष्य में मान कषाय भरी रहती है इसको शांत करने के लिए पहले विचारो में शुद्धि लानी पडेगी । विचारो में शुद्धि तभी आ पाएगी जब भोजन शुद्ध होगा । शुद्ध भोजन के लिए होटलो, ठेले गाडी पर बिकने वाले अभक्ष्य वस्तुओ का त्याग करने वाला ही आचरण का सम्राट बनेगा तो जीवन में सुखी रहेगा । यह विचार आर्यिका विज्ञानमति माताजी ने श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर बडोदिया में नगर प्रवेश के दौरान धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए । आर्यिका आदित्यमति माताजी ने कहा कि माता पिता और गुरू के लाडले वो ही बन पाते है जो उन सब बडो की आज्ञा में रहते है । बचपन में अपनी माता पिता की आज्ञा में चलकर विद्याधर ने जो त्याग किया उन्ही ने एक दिन आचार्य विद्यासागरजी महाराज बनकर श्रमण संस्कृति में अपना नाम अमर कर दिया । मुनि श्री भावनंदनीजी महाराज ने कहा कि सभी एक दुसरे से प्रेम भाव और सौहार्द बनाए रखेंगे तो समाज में उन्नति होगी । आयोजन में आर्यिका सुयशमति माताजी,रजतमति माताजी ने धर्मोपदेश दिया । बोली लेने वाले केसरीमल खोडणिया संतोष जैन धर्मेन्द्र खोडणिया सुर्यकरण जैन पंकज तलाटी परिवार ने दोनो संघो को जीनवाणी भेंट करने का पूण्यांर्जन प्राप्त किया । समाज के चारो सेठ सुरेश तलाटी,कमलेश दोसी,निलेश तलाटी,आशिष तलाटी व समाजजनों ने दोनो संघो से बडोदिया में शीतकालीन वाचना के लिए श्रीफल भेंट किया।बागीदौरा में 15 दिसम्बर से आयोजित होने वाले इन्द्रध्वज महामंडल विधानकर्ता परिवार के अनिल गांधी का सम्मान किया गया । समाज के केसरीमल खोडणिया ने संघ का शब्द सुमनो से स्वागत कर समाज द्वारा तैयार किए गए सिहांसन बनने की जानकारी दी । संचालन आशिष भैया तलाटी ने किया । दो संघो का महामीलन —- सागडोद से विहार कर जैसे ही आर्यिका विज्ञानमति माताजी ससंघ का बडोदिया नगर प्रवेश हुआ तो भक्तों ने गाजे बाजे के साथ भक्ति नृत्य करते संघ को श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर बडोदिया लाये । जहां पर विराजमान मुनि श्री भावनंदीजी महाराज के दर्शन आर्यिका संघ ने किए । दोनों संघों के मिलन पर श्रद्धालुओं अहिंसा परमो धर्म और दिगंबर जैन मुनियों की जयकारा लगाई । ये जानकारी दीपक जैन ने दी।
