निर्दलीयों ने बदले समीकरण, बनेड़ा में 10-10 की बराबरी के बाद लॉटरी से हुआ फैसला, कई जगह एक वोट से जीत
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। भीलवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के परिणामों ने जिले की स्थानीय राजनीति की नई तस्वीर सामने रख दी है। जिले की 10 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा ने 7 और कांग्रेस ने 3 अध्यक्ष पद हासिल किए हैं। ताजा परिणामों में बीगोद, हमीरगढ़, बनेड़ा, शाहपुरा, जहाजपुर, मांडलगढ़, बिजौलिया, गंगापुर, गुलाबपुरा और आसींद की नगर पालिकाओं के अध्यक्षों का निर्वाचन हुआ।
अध्यक्ष पद के चुनाव में कई नगर पालिकाओं में मुकाबला बेहद करीबी रहा। कहीं एक वोट के अंतर से फैसला हुआ, तो कहीं निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से राजनीतिक समीकरण बदल गए। वहीं, बनेड़ा में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को 10-10 वोट मिलने के बाद लॉटरी से अध्यक्ष का फैसला किया गया।
दस नगर पालिकाओं में आसींद, बीगोद, बनेड़ा, बिजौलिया, गुलाबपुरा, जहाजपुर और मांडलगढ़ में भाजपा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि हमीरगढ़, शाहपुरा और गंगापुर में कांग्रेस के प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पद हासिल किया।
भीलवाड़ा नगर निगम में महापौर पद पर जसवंत कंवर पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं। नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद के चुनाव पूरे होने के बाद अब उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भी गतिविधियां शुरू होंगी।
हमीरगढ़ में निर्दलीयों ने बदला समीकरण, कांग्रेस के प्रकाश जाट अध्यक्ष
हमीरगढ़ नगर पालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद अध्यक्ष पद हासिल नहीं कर सकी। यहां 20 वार्डों में भाजपा के 8, कांग्रेस के 7 और निर्दलीय पार्षदों के 5 वार्ड थे।
अध्यक्ष पद के मतदान में कांग्रेस के प्रकाश जाट को 12 वोट, जबकि भाजपा की रेखा परिहार को 8 वोट मिले। सभी पांच निर्दलीय पार्षदों के कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में जाने से कांग्रेस को अध्यक्ष पद मिला।
इस परिणाम ने यह भी दिखाया कि जहां किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, वहां निर्दलीय पार्षद अध्यक्ष पद के चुनाव में निर्णायक भूमिका में रहे।
गंगापुर में कांग्रेस की प्रीति काकाणी 5 वोट से विजयी
गंगापुर नगर पालिका में कांग्रेस की प्रीति काकाणी ने भाजपा की विंकल सिंघवी को 5 मतों के अंतर से हराया। प्रीति काकाणी को 15 वोट, जबकि विंकल सिंघवी को 10 वोट मिले। कुल 25 पार्षदों ने अध्यक्ष पद के चुनाव में मतदान किया।
गंगापुर में कांग्रेस के पास पहले से ही स्पष्ट बहुमत था। नगर पालिका के 25 वार्डों में कांग्रेस ने 14, भाजपा ने 9 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 2 वार्डों में जीत दर्ज की थी।
शाहपुरा में रमेश सेन ने एक वोट से दर्ज की जीत
शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस के रमेश सेन ने रोमांचक मुकाबले में जीत हासिल की। उन्हें 18 वोट मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी बालमुकुंद तोषनीवाल को 17 वोट मिले। इस तरह रमेश सेन ने एक वोट के अंतर से अध्यक्ष पद हासिल किया।
शाहपुरा नगर पालिका के 35 वार्डों में कांग्रेस ने 22, भाजपा ने 8 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 5 वार्डों में जीत दर्ज की थी। अध्यक्ष पद के मतदान में क्रॉस वोटिंग भी सामने आई और उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस अपने सभी 22 पार्षदों का समर्थन बरकरार नहीं रख सकी।
बनेड़ा में 10-10 की बराबरी, लॉटरी से गोपाल चरण सिसोदिया अध्यक्ष
बनेड़ा नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव सबसे अलग रहा। यहां भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को 10-10 वोट मिले। बराबरी की स्थिति बनने के बाद अध्यक्ष पद का फैसला लॉटरी के माध्यम से किया गया।
लॉटरी में भाजपा के गोपाल चरण सिंह सिसोदिया का नाम निकलने के बाद उन्हें बनेड़ा नगर पालिका का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। इस दौरान नन्हे बच्चे से पर्ची निकलवाई गई।
बनेड़ा में हुए इस तरह के फैसले के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव जिले के चर्चित मुकाबलों में शामिल रहा।
मांडलगढ़ में श्वेता डांगी अध्यक्ष, 6 वोट से जीत
मांडलगढ़ नगर पालिका में भाजपा की श्वेता डांगी अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। उन्हें 12 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की जेहरा फातिमा को 2 और निर्दलीय जूली ओस्तवाल को 6 वोट मिले।
मांडलगढ़ में भाजपा के पास 11 पार्षद थे। अध्यक्ष पद के मतदान में एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन मिलने से भाजपा प्रत्याशी के खाते में 12 वोट पहुंचे और उन्होंने 6 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
श्वेता डांगी गृहिणी हैं और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संजय डांगी की पत्नी हैं। उनके अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद डांगी परिवार की स्थानीय निकाय राजनीति में भूमिका फिर चर्चा में आई है।
गुलाबपुरा में विष्णुदेवी वैष्णव की एक वोट से जीत
गुलाबपुरा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा की विष्णुदेवी वैष्णव ने एक वोट के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें 18 वोट, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी को 17 वोट मिले। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के अनुसार अध्यक्ष पद के मतदान में निर्दलीय पार्षदों के वोटों ने भी समीकरण को प्रभावित किया।
गुलाबपुरा में कुल 35 वार्ड हैं और अध्यक्ष पद का मुकाबला बेहद करीबी रहा। केवल एक वोट के अंतर से परिणाम आने के कारण यहां अंतिम समय तक राजनीतिक समीकरणों पर नजर बनी रही।
जहाजपुर में अलकेश वैष्णव को निर्दलीयों का समर्थन
जहाजपुर नगर पालिका में भाजपा की अलकेश वैष्णव अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। उन्हें कुल 23 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद देवी शर्मा को 2 वोट मिले।
जहाजपुर में भाजपा के पास 15 पार्षद थे और अध्यक्ष पद के चुनाव में उसे निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार यहां भाजपा के 15, कांग्रेस के 3 और निर्दलीयों के 7 पार्षद निर्वाचित हुए थे।
आसींद में कांग्रेस पार्षदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया
आसींद नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस पार्षदों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। इसके बाद भाजपा समर्थित सत्येंद्र सिंह चौहान अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
सत्येंद्र सिंह को 17 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को कोई वोट नहीं मिला। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने मतदान का बहिष्कार किया था।
आसींद नगर पालिका के 25 वार्डों में भाजपा के 12, कांग्रेस के 8 और निर्दलीयों के 5 पार्षद निर्वाचित हुए थे।
बिजौलिया में स्नेहा तिवाड़ी की एक वोट से जीत
बिजौलिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा की स्नेहा तिवाड़ी ने कांग्रेस की भूमिका सुवालका को एक वोट के अंतर से हराया। स्नेहा तिवाड़ी को 13 वोट, जबकि भूमिका सुवालका को 12 वोट मिले।
बिजौलिया में कुल 25 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम में भाजपा के 12, कांग्रेस के 11 और निर्दलीय पार्षदों की संख्या 2 रही थी। अध्यक्ष पद के चुनाव में भी मुकाबला इसी तरह बेहद करीबी रहा और भाजपा प्रत्याशी ने एक मत से जीत दर्ज की।
बीगोद में लोकेश नागौरी अध्यक्ष निर्वाचित
बीगोद नगर पालिका में भाजपा के लोकेश नागौरी अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उन्हें कुल 16 वोट मिले। कांग्रेस को 6 और निर्दलीय प्रत्याशी को 3 वोट मिले।
इस तरह लोकेश नागौरी ने अध्यक्ष पद पर स्पष्ट बढ़त के साथ जीत दर्ज की। ताजा प्रकाशित परिणामों में बीगोद को भाजपा के खाते में गई नगर पालिकाओं में शामिल किया गया है।
नगर पालिकाओं के परिणामों से बदले स्थानीय समीकरण
अध्यक्ष पद के चुनाव परिणामों में भाजपा ने 10 नगर पालिकाओं में से 7 पर अध्यक्ष पद हासिल किया, जबकि कांग्रेस को 3 नगर पालिकाओं में सफलता मिली। खास बात यह रही कि कई स्थानों पर निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक रही। हमीरगढ़ में पांच निर्दलीयों के समर्थन से कांग्रेस का अध्यक्ष बना, जबकि जहाजपुर में निर्दलीयों के समर्थन से भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली। बनेड़ा में दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बराबर वोट मिलने के बाद लॉटरी से निर्णय हुआ।
वहीं, आसींद में कांग्रेस पार्षदों के मतदान में हिस्सा नहीं लेने और शाहपुरा में क्रॉस वोटिंग की रिपोर्ट ने भी अध्यक्ष पद के चुनाव को चर्चा में रखा।
इस चुनाव में स्थानीय विधायकों के क्षेत्रों के परिणाम भी चर्चा में रहे। उपलब्ध चुनावी रिपोर्टों के अनुसार शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा के विधानसभा क्षेत्र में शाहपुरा और बनेड़ा नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद भाजपा के खाते में नहीं गए। वहीं सहाड़ा विधायक लादूलाल पीतलिया के विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी हमीरगढ़ और गंगापुर नगर पालिकाओं में कांग्रेस के अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
अब अध्यक्ष पद के चुनाव पूरे होने के बाद नगर पालिकाओं में उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर गतिविधियां आगे बढ़ेंगी। अध्यक्ष पद के परिणामों के बाद विभिन्न निकायों में दलों और निर्दलीय पार्षदों के बीच स्थानीय समीकरणों की भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण रह सकती है।
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Bhilwara, Rajasthan
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