सवाई माधोपुर: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से रास्ता भटककर राजस्थान के रणथंभौर पहुंचे चीते ‘KP2’ का सफर अब समाप्त हो गया है। वन विभाग की कड़ी निगरानी के बीच शुक्रवार को कूनो की विशेषज्ञ टीम ने रणथंभौर की फलोदी रेंज के काला कुआं क्षेत्र में चीते को सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज (बेहोश) किया। इसके तुरंत बाद टीम चीते को लेकर मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गई।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस पिछले 23 दिनों से यह चीता रणथंभौर और आसपास के रिहायशी इलाकों में घूम रहा था। विशेष रूप से कैलाशपुरी गांव के अमरूदों के बगीचों में चीते की मौजूदगी से किसानों और ग्रामीणों में भारी दहशत थी। ग्रामीण भरत लाल ने बताया कि चीते के कारण खेती का काम ठप हो गया था, लेकिन अब इसके वापस जाने से लोगों ने सुकून महसूस किया है।
सुरक्षित प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह के अनुसार, “चीते की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी। शुक्रवार को अनुभवी डॉक्टरों और विशेषज्ञों की मौजूदगी में निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत उसे ट्रैंकुलाइज किया गया। स्वास्थ्य जांच के बाद उसे कूनो में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने के लिए भेज दिया गया है।”
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2014 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2015 से 2021 तक गंगापुर सिटी पोर्टल (G News Portal) का बतौर एडिटर सञ्चालन किया। 2017 से 2020 तक उन्होंने दैनिक समाचार पत्र राजस्थान खोज खबर में काम किया। 2021 से 2022 तक दैनिक भास्कर डिजिटल न्यूज और साधना न्यूज़ में। 2021 से अब तक वे आवाज आपकी न्यूज पोर्टल और गंगापुर हलचल (साप्ताहिक समाचार पत्र) में संपादक और पत्रकार हैं। साथ ही स्वतंत्र पत्रकार हैं।