देश का पहला रेलवे स्टेशन जहाँ स्थापित हुई भगवान महावीर की प्रतिमा: श्री महावीर जी बना ‘अहिंसा का प्रवेश द्वार’


अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करौली के श्री महावीर जी स्टेशन का हुआ कायाकल्प, जैन स्थापत्य कला ने मोह लिया सबका मन

श्री महावीर जी, करौली, गंगापुर सिटी, 8 मई 2026।पंकज शर्मा। राजस्थान की पावन धरा पर भक्ति और आधुनिकता का एक अनूठा संगम देखने को मिला है। करौली जिले में स्थित श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन ने भारतीय रेलवे के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है। केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत नवीनीकृत यह स्टेशन अब देश का ऐसा पहला रेलवे स्टेशन बन गया है, जिसके परिसर में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान 1008 महावीर स्वामी की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। इस पहल के बाद स्टेशन को अब औपचारिक रूप से “अहिंसा का प्रवेश द्वार” कहा जा रहा है।

1400 किलो की पद्मासन प्रतिमा और कलात्मक छतरी

स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने बने गोल सर्कल में भगवान महावीर की प्रतिमा को स्थापित किया गया है। यह प्रतिमा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि वास्तुकला का भी बेहतरीन नमूना है।

  • विशेषता: भगवान महावीर की यह प्रतिमा 3.5 फीट ऊंची और लगभग 1400 किलो वजनी है।

  • स्थापत्य: प्रतिमा को बंसी पहाड़पुर के सुप्रसिद्ध गुलाबी पत्थरों से बनी एक भव्य कलात्मक छतरी के नीचे रखा गया है।

  • आध्यात्मिक महत्व: कमलासन पर विराजमान इस पद्मासन प्रतिमा के भीतर आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज द्वारा विशेष रूप से अभिमंत्रित यंत्र स्थापित किया गया है, जो यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कराता है।

जैन स्थापत्य शैली से निखरा स्टेशन का स्वरूप

पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल द्वारा इस स्टेशन को विशेष रूप से जैन मंदिर की स्थापत्य शैली में डिजाइन किया गया है। स्टेशन की दीवारों और गुंबदों पर की गई नक्काशी श्रद्धालुओं को मुख्य मंदिर (अतिशय क्षेत्र) पहुँचने से पहले ही भक्ति के भाव से भर देती है। स्टेशन परिसर में चारों ओर “जियो और जीने दो” तथा अहिंसा व शांति के संदेश प्रदर्शित किए गए हैं, जो आधुनिक सुख-सुविधाओं के बीच एक शांत वातावरण निर्मित करते हैं।

सामूहिक सहयोग से सिद्ध हुआ संकल्प

इस ऐतिहासिक परियोजना की सफलता के पीछे रेलवे अधिकारियों और स्थानीय जैन समाज का अटूट सहयोग रहा है। रेलवे की ओर से एक्स ई एन (XEN) अनिल जैन ने तकनीकी बारीकियों को संभाला, वहीं जैन वास्तुविद राजकुमार जैन कोठ्यारी ने स्टेशन के धार्मिक स्वरूप की रूपरेखा तैयार की। मूर्तिकार संतोष शर्मा ने प्रतिमा को जीवंत रूप दिया। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप गंगापुर सिटी के अध्यक्ष नरेंद्र जैन नृपत्या ने इस पूरे कार्य में समन्वय की भूमिका निभाई। अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी कमेटी और दिगंबर जैन सोशल ग्रुप का भी इस पुनीत कार्य में विशेष आर्थिक और नैतिक योगदान रहा है।

धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास

श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि देश-दुनिया से आने वाले जैन श्रद्धालुओं के लिए मुख्य केंद्र है। प्रतिमा की स्थापना से अब तीर्थयात्रियों को स्टेशन पर उतरते ही अतिशय क्षेत्र की दिव्यता का आभास होने लगेगा। सकल जैन समाज ने इस ऐतिहासिक कार्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्रालय का आभार व्यक्त किया है। जानकारों का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में देश के अन्य धार्मिक स्थलों के रेलवे स्टेशनों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनेगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी भारी बढ़ावा मिलेगा।

यह भी पढ़ें:


WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now