नैनीताल/हल्द्वानी: उत्तराखंड, जिसे पुराणों में देवभूमि कहा गया है, यहाँ के कण-कण में देवताओं का वास है। इसी कड़ी में न्याय के देवता के रूप में प्रसिद्ध गोलज्यू देवता की रथ यात्रा चंपावत से शुरू होकर विभिन्न क्षेत्रों से गुजरती हुई हल्द्वानी पहुँची।
हल्द्वानी में सैकड़ों भक्तों ने इस शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया और पुण्य के भागी बने। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह फल और शीतल पेय वितरित किए गए। शिक्षिका सुनीता जोशी ने बताया कि गोलज्यू केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के न्यायकारी देवता हैं। जब व्यक्ति हर तरफ से निराश हो जाता है, तो वह गोलज्यू की शरण में जाता है।
पत्र लिखकर मांगते हैं न्याय गोलज्यू देवता की महिमा ऐसी है कि जो भक्त मंदिर नहीं पहुँच पाते, वे पत्र के माध्यम से अपनी अर्जी भेजते हैं। अल्मोड़ा के चितई गोलज्यू और घोड़ाखाल मंदिर में आज भी हजारों की संख्या में ये विनती पत्र और मनोकामना पूरी होने पर चढ़ाए गए घंटे इस अटूट विश्वास का प्रमाण हैं।
परंपरा और आधुनिकता का संगम आज के दौर में जहाँ रेडीमेड स्टिकर का चलन बढ़ा है, वहीं इस यात्रा के दौरान गोलज्यू की वेदी (धुनी) को पारंपरिक गेरू मिट्टी और चावल के बिस्वार (ऐपण) से सजाया गया, जो हमारी समृद्ध संस्कृति को दर्शाता है।
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District Correspondent (Print & Electronic Media), Nainital, Uttarakhand