जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर सख्त कार्रवाई की गई।
सवाई माधोपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर जिले में संचालित स्लीपर एवं लग्जरी बसों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की। राजस्थान उच्च न्यायालय एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार चलाए गए सप्ताहभर के विशेष अभियान में कुल 13 बसों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 10 स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया तथा 13 बसों पर कुल 10 लाख 51 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
संयुक्त निरीक्षण दल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) समीक्षा गौतम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सिंह, मोटर वाहन निरीक्षक हनुमान मीना तथा पुलिस विभाग से सहायक उपनिरीक्षक महेश सिंह, भंवर सिंह एवं पप्पूलाल बैरवा सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
परमिट से लेकर सुरक्षा उपकरणों तक की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान बसों के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, इमरजेंसी गेट, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, ज्वलनशील गैस सिलेंडर, पेट्रोल एवं डीजल के भंडारण, ओवरलोडिंग तथा बसों की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई सहित विभिन्न सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई।
जांच में कई बसों में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं एआईएस-119 (AIS-119) मानकों का उल्लंघन पाया गया। साथ ही कई स्लीपर बसों में अनधिकृत परिवर्तन भी सामने आए, जिसके चलते 10 बसों को सीज कर दिया गया।
सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी नहीं होगी बर्दाश्त
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने बताया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार का अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और परिवहन नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी वाहन संचालकों से निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने की अपील भी की गई।
यह भी पढ़ें:

Gangapur City, Rajasthan
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।